Obesity – Psychiatric Perspective

Mission Fitness- Dr Vishal Jain, Laparoscopic Surgeon, Weight loss Gastric Balloon Specialist
June 23, 2019
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Obesity – Psychiatric Perspective

“मोटा किसको बोला”

मोटापा दुनिया की सबसे गंभीर समस्या बन गई है और यह तेजी से अपने पैर पसार रही है। मोटापा ना सिर्फ एक गंभीर शारीरिक समस्या है बल्कि यह काफी बड़ी मानसिक समस्या भी है। मोटापे के कई मनोवैज्ञानिक पहलू भी जुड़े हुए हैं जो काफी महत्वपूर्ण है। ओबेसिटी के इलाज में शारीरिक वजन कम करने के अलावा मनोवैज्ञानिक पहलुओं की तरफ ध्यान देना भी काफी आवश्यक होता है। मोटा/मोटी /मोटू /ढोल आदि शब्द सुनने वाले व्यक्ति को कितने गंभीर रूप से मानसिक तौर पर आहत कर सकते है इसका शायद अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। हम लोग सहज ही अपने साथी, रिश्तेदार या मित्र को मोटा या मोटू के टाइटल से या मोटी के टाइटल से नवाज देते हैं पर यकीन मानिए कि उनका दिल ही जानता है कि उन्हें इसके कितना दर्द पहुंचता है वह कितने ज्यादा परेशान होते हैं।
अगर आपने नोटिस किया हो तो आपने पाया होगा कि मोटापे से ग्रस्त लोग हमेशा जाली होते हैं या हमेशा हंसते रहते हैं और वह हमेशा खुश नजर आते हैं। वे ऐसा दर्शाते हैं या हमें महसूस कराते हैं कि उन्हें अपने बढ़े हुए वजन से कोई समस्या नहीं है और इससे वह काफी खुश हैं, किंतु हकीकत में ऐसा नहीं है। ऐसे लोग काफी कांपलेक्स में होते हैं और अंदर से टूटे हुए होते हैं या डिप्रेशन में होते हैं।
अगर आप उनकी समस्याओं को ध्यान से देखिए तो शायद आप उनका दर्द महसूस कर पाएंगे। आम तौर पर फैटी लोगों में थोड़ा ही चलने में सांस फूलने लगती है, और वे जल्दी ही हांफने लगते हैं। वे कहीं किसी भागदौड़ वाले खेलकूद में पार्टिसिपेट नहीं कर पाते हैं और ज्यादातर उन्हें विकेट कीपर या गोल कीपर का रोल ही अदा करना होता है मजबूरीवश। ये लोग अपने मनपसंद के कपड़े भी नहीं पहन पाते हैं और उन्हें मन मसोस कर रह जाना पड़ता है। अधिक वजन होने के कारण सूटेबल मैच मिलने में परेशानी होती है और उन्हें और उनके परिवार वालों को शादी को लेकर काफी तनाव होता है। अगर शादी हो जाती है तो अधिकतर मोटापे की समस्या के कारण इनफर्टिलिटी (बांझपन)की समस्या भी काफी कॉमन होती है और अधिकतर संतान सुख से भी वंचित रहते हैं। अधिक वजन के कारण सेक्स लाइफ में भी काफी समस्या होती है और ये लोग शारीरिक सुख का भी ठीक तरीके से आनंद नहीं ले पाते हैं।

फ्लाइट सीट में बैठने में भी उन्हें काफी समस्या होती है और थीम पार्क की राइडस/ स्लाइड्स में भी जाने से वंचित हो जाते हैं। मोटापे से ग्रसित लोगों में आत्मसम्मान की भी कमी होती है और अमूमन पार्टीज में हंसी का पात्र होते हैं और एक तरीके से वह अपने आप को मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस करते हैं।
अधिक वेट के कारण ये लोग अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं और अनेक मानसिक विकारों के शिकार हो जाते हैं। यह एक विशियस सर्कल है जिससे बाहर निकलना काफी जरूरी है क्योंकि एक बार आदमी डिप्रेशन में जाने के बाद और अधिक खाने लगता है और इससे उनका और अधिक वजन /मोटापा बढ़ने लगता है। वे जब भी आईने में अपने आप को देखते हैं तो आत्मग्लानि महसूस करते हैं अपने बारे में।

मोटापे के कारण सब से ज्यादा बड़ी बीमारी है लोगों का मजाक। कई बार तो वे डर के कारण वेट मशीन पर खड़े होना पसंद नहीं करते हैं और इस डर और शर्म से उन्हें ध्यान नहीं रहता है कि उनका वजन कितनी तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि वह जानते हैं कि वह उस स्थिति का सामना नहीं कर पाएंगे।

हमारे देश भारत ने भी मोटापा तेजी से पैर पसार रहा है और सबसे अधिक चिंता का विषय है बच्चों में बढ़ती तेजी से मोटापे की समस्या। परिवार और समाज का हमेशा शारीरिक समस्याओं पर ध्यान होता है किंतु वे मानसिक समस्याओं पर गौर नहीं कर पाते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से मैं यह जानकारी देना चाहता हूं कि मोटापा केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है किंतु उससे कहीं अधिक गंभीर यह मानसिक समस्या है। हम जाने अनजाने अपने परिवार के सदस्यों या मित्रों को दुखी कर देते हैं।

मोटापे की समस्या से आसानी से निजात पाने का कोई एक सीधा जवाब तो नहीं है किन्तु अब नये उपचारो से विश्व स्तर पर तेजी से बढ़ती जा रही समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। मेडिकल उपायों के साथ साथ हमें सामाजिक सुधारों की भी आवश्यकता है ताकि हम इस गंभीर समस्या से पीड़ित लोगों को और परेशान ना करें और अगली बार हम मोटू/ मोटी का टाइटल देने में परहेज करें क्योंकि ईट हर्टस।

डॉ विशाल जैन
वेट लॉस गैस्ट्रिक बलून स्पेशलिस्ट,
ग्लोबल एसएनजी हॉस्पिटल,
इंदौर 9893773266

DR VISHAL JAIN
DR VISHAL JAIN
Specialize in General/Gastrointestinal/Laparoscopic Surgery and Weight loss Gastric balloon Specialist.